मातृ (ऋकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द रूप | Matri Shabd Roop – Rikarant Striling

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मातृ (ऋकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द रूप | Matri Shabd Roop – Rikarant Striling – इस भाग में मातृ संज्ञा शब्द के रूप के बारे में बताया गया | जिस पर आपकी समझ बनने के बाद आप अन्य संज्ञा शब्दों के भी आसानी से शब्द रूप बना पाओगे |


शब्द रूप बनाने के विशेष नियम –

  1. सर्वनाम शब्दों के संबोधन न होने के कारण उनके संबोधन रूप नहीं चलते |
  2. संबोधन में प्रथमा विभक्ति का प्रयोग होता है | Matri Shabd Roop
  3. यदि र् या ष् के बाद आता है तो उस न् को हो जाता है |
  4. संबोधन में हृ, ए,ओ यदि अंत में हो तो अंग के बाद में प्रथमा के एकवचन अर्थात् सु प्रत्यय का लोप होता है |

मातृ (ऋकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द रूप (Matri Shabd Roop) –

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमामातामातरौमातर:
द्वितीयामातरम्मातरौमातृन्
तृतीयामात्रामातृभ्याम्मातृभि:
चतुर्थीमात्रेमातृभ्याम्मातृभ्य:
पंचमीमातु:मातृभ्याम्मातृभ्य:
षष्ठीमातु:मात्रो:मातृणाम्
सप्तमीमातरिमात्रो:मातृषु
संबोधनहे मात: !हे मातरौ !हे मातर: !
मातृ (ऋकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द रूप

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