सरंचनावाद और प्रकार्यवाद | शिक्षा मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण संप्रदाय

Share with friends

सरंचनावाद और प्रकार्यवाद | शिक्षा मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण संप्रदाय : – शिक्षा मनोविज्ञान में कई सम्प्रदाय महत्तवपूर्ण है, जिन मे से दो प्रमुख सम्प्रदाय Structuralism And Functionalism का इस में वर्णन किया जा रहा है। सरंचनावाद और प्रकार्यवाद का विस्तारित वर्णन है तथा इनके मनोवैज्ञानिकों के मतों का भी वर्णन किया गया है।


सरंचनावाद

  • इस सम्प्रदाय को अंतदर्शनवाद के नाम से भी जाने जाते है।
  • इस संप्रदाय को हम संरचनावाद के नाम से भी जानते हैं।
  • जर्मन के मनोवैज्ञानिक वुंट के शिष्य टीचनर ने संरचनावाद की नींव डाली।
  • इन्होंने चेतना को अपना प्रधान विषय बनाया था।
  • इस संप्रदाय का प्रमुख उद्देश्य चेतना की भावना की रचना करना एवं उसमें रहने वाले विभिन्न अंशों की सत्ता की खोज करना है।
  • कुछ लोग इसे सत्तावाद का मनोविज्ञान भी कहते हैं क्योंकि यह चेतना के विभिन्न अंशों की सत्ता को खोजता है।
  • इसका प्रमुख तत्व चेतन शक्ति है ना की किसी प्रकार का कार्य। यह विभिन्न अनुभवों का निर्माण करता है।
  • वुंट का विश्वास था कि प्राथमिक मानसिक अवस्थाएं जैसे संवेदना, प्रतिमा, विभिन्न भावना यह चेतन शक्ति को अधिक प्रभावित करती है एवं प्रदर्शन के द्वारा इनका प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा सकता है।
  • वुंट के अनुसार-
    • मनोवैज्ञानिक आंतरिक अनुभवों का सर्वेक्षण करता है अर्थात हमारी भावना, जिज्ञासा, इच्छा, विचार आदि हो सकती है।
  • टीचनर
    • आपने कार्यात्मक एंव संरचनावाद का उल्लेख किया एवं बताया कि केवल मनोविज्ञान विभिन्न अनुभव का अध्ययन करता है।
    • इनका मानना था कि अनुभवों के बिना विज्ञान का कोई अस्तित्व नहीं है।
    • मानव शरीर में समांतर संबंध है एवं चेतना वर्तमान समय में होने वाली विभिन्न प्रकार की मानसिक क्रियाओं से है।
  • वॉलमैन के अनुसार-
    • संरचनात्मक मनोविज्ञान व्यक्ति के जीवन काल में घटने वाली मानसिक क्रियाओं का अध्ययन करता है। यह संप्रदायवादी प्रकार्यवादी तथ्यों का अध्ययन नहीं करते हैं।

सरंचनावाद का शिक्षा में योगदान

  • इस संप्रदाय ने शिक्षा को मानसिक क्रिया माना है।
  • शिक्षा का उद्देश्य अनुभवों की वृद्धि है।
  • अंतरदर्शन के द्वारा मन के विभिन्न क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।
  • मनोविज्ञान के विकास में संरचनावाद ने अपना आधार प्रस्तुत किया था।
  • इसमें वर्तमान चेतन अनुभव पर बल दिया जाता है।
  • इसमें भावना विचार प्रतिमाएं चित्र मानसिक क्रियाओं का अध्ययन किया गया था।
  • इस संप्रदाय के अंतर्गत मनोविज्ञान को अनेक शाखाओं में जैसे- बाल मनोविज्ञान, पशु मनोविज्ञान, असामान्य मनोविज्ञान तथा मानव मनोविज्ञान में विभाजित किया गया था।
  • इसी संप्रदाय प्रायोगिक विधि को जन्म दिया।
  • इसका प्रभाव तात्कालिक शैक्षिक सिद्धांतों पर काफी पड़ा था।
  • इसमें मन की क्रियाओं के व्यवस्थित अध्ययन पर बल दिया गया।

विलियम वांट एवं उनके शिष्य टीचर ने अंतःदर्शनात्मक विश्लेषण द्वारा मन और चेतना का स्वरूप जानने का प्रयास किया।

प्रकार्यवाद Structuralism And Functionalism

  • इस सम्प्रदाय को कार्यात्मवाद के नाम से भी जाना जाता है।
  • कार्यात्मक मनोविज्ञान का सूत्रपात अमेरिका के शिक्षा शास्त्री जॉन डीवी द्वारा शिकागो विश्वविद्यालय में सन 1896 में किया गया था।
  • इस संप्रदाय का जन्म का श्रेय विलियम जेम्स को दिया जाता है क्योंकि यह अंतरदृश्यवाद से सहमत नहीं थे।
  • इनके नेतृत्व में सभी अमेरिका वासियों द्वारा अंतरदृश्य वाद के खिलाफ विरोध किया था।
  • डब्ल्यू जेम्स-
    • उन्होंने माना कि मनोवैज्ञानिकों को चेतना के अध्ययन की अपेक्षा मानव शक्तियों और विभिन्न योग्यता का अध्ययन करना अति आवश्यक है।
    • इसी विचार को लेकर जॉन डीवी ने कार्यात्मक मनोविज्ञान का सूत्रपात किया था।
  • इस संप्रदाय में एंजिल का भी काफी सहयोग है।
    • क्योंकि उन्होंने माना कि यह संप्रदाय चेतन रचना और इसके अंशों की सत्ता का अध्ययन करने के साथ-साथ उसकी क्रियाशीलता और उसके उपयोग का अध्ययन करना भी आवश्यक समझता है।
  • इस संप्रदाय में शिक्षा मनोविज्ञान व्यावसायिक चिकित्सा आदि का भी अध्ययन किया जाता है।
  • इस संप्रदाय में कैटल, लिविंगस्टन, फरांड आदि ने अनेक प्रश्नों का निर्माण किया तथा शैक्षिक मापन को आगे बढ़ाया।
  • बिने तथा साइमन ये भी स्वयं प्रकार्यवादी ही थे।
  • इन्होंने बुद्धि परीक्षण का निर्माण किया था।
  • क्रोपलिन –
    • इन्होंने कार्यात्मक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मानसिक रोग एवं मंदबुद्धि के क्षेत्र में प्रारंभिक कार्य किया था।
  • कार्ल पीयरसन इन्होंने सहसंबंध विधि को खोजा था।
  • जो प्रकार्यवाद का आधार क्रिया है जिसका जन्म डार्विन के विकासवाद से हुआ।
  • हरबर्ट स्पेंसर गोल्टन विकासवादी संस्थापना को विकसित किया था।
  • उन्होंने माना कि मस्तिष्क कोई पदार्थ नहीं है बल्कि इसमें विभिन्न क्रियाएं होती है उद्देश्य भी निश्चित होता है।
  • ज्ञान, अनुभव एवं संकल्प या क्रिया का समावेश मनोविज्ञान में प्रकार्यवाद के कारण ही हुआ था।
  • सामाजिकविकासवाद का जनक हरबर्ट स्पेंसर को माना जाता है।
  • सर्वप्रथम व्यक्तिगत विभिन्नता का दृष्टिकोण गोल्टन के द्वारा दिया गया था।

FAQ Structuralism And Functionalism

1. सरंचनावाद का ने नाम क्या है?

ANS. इस सम्प्रदाय को अंतदर्शनवाद के नाम से भी जाने जाते है।

WhatsApp Channel Join Now

Telegram Group Join Now

2. सरंचनावाद का प्रधान विषय क्या है ?

ANS. इस संप्रदाय का प्रधान विषय चेतना है।

3. सरंचनावाद की नींव किसने डाली थी ?

ANS. जर्मन के मनोवैज्ञानिक वुंट के शिष्य टीचनर ने संरचनावाद की नींव डाली।

4. कार्यात्मक मनोविज्ञान का सूत्रपात किसके द्वारा और कब किया गया ?

ANS. कार्यात्मक मनोविज्ञान का सूत्रपात अमेरिका के शिक्षा शास्त्री जॉन डीवी द्वारा शिकागो विश्वविद्यालय में सन 1896 में किया गया था।

नीचे दी गए लिंक से हमारे ग्रुप को भी ज्वाइन करें :-

इनको भी पढ़े Structuralism And Functionalism

Leave a Comment